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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता नवाब मलिक को किडनी से जुड़ी जांच कराने की मुंबई की अदालत ने अनुमति दी

मुंबई, सात सितंबर – मुंबई की एक विशेष धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने धनशोधन मामले में गिरफ्तार महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक को किडनी से जुड़ी एक विशेष जांच कराने की अनुमति दे दी है।

अदालत ने पिछले महीने भी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता मलिक को ‘रीनल स्कैन’ कराने की अनुमति दी थी, लेकिन यह जांच नहीं हो सकी थी क्योंकि वह बुखार और स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याओं से ग्रस्त थे।

‘रीनल स्कैन’ एक ‘न्यूक्लियर इमेजिंग टेस्ट’ है, जो किडनी का आकार, माप और उसके कार्य की जांच करने के लिए किया जाता है। यह जांच किडनी में रक्त प्रवाह की जांच करने के लिए भी की जाती है।

विशेष अदालत के न्यायाधीश आर. एन. रोकाडे ने मंगलवार को मलिक के उस आवेदन को स्वीकार कर लिया जिसमें जांच कराने की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था। आदेश की एक प्रति बुधवार को उपलब्ध कराई गई।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस साल 23 फरवरी को भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम से जुड़े धनशोधन मामले में मलिक को गिरफ्तार किया था। मलिक फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद हैं।

अदालत ने पहले चिकित्सा आधार पर उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उनकी नियमित जमानत याचिका पर विशेष न्यायाधीश सुनवाई कर रहे हैं।

मलिक ने अपने आवेदन में कहा था कि उन्हें 10 अगस्त को उपनगरीय घाटकोपर के एक अस्पताल में किडनी की जांच की अनुमति दी गई थी।

याचिका में कहा गया कि हालांकि, तब जांच नहीं की जा सकी थी क्योंकि उन्हें तेज बुखार था और वह स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याओं से ग्रस्त थे।

अभियोजन पक्ष ने याचिका का विरोध नहीं किया और इसे अदालत के विवेक पर छोड़ दिया।

चिकित्सा रिपोर्ट देखने के बाद, न्यायाधीश ने आर्थर रोड जेल अधीक्षक को उन्हें जांच के लिए 12 सितंबर को घाटकोपर के सर्वोदय अस्पताल परिसर में एक जांच केंद्र में ले जाने का निर्देश दिया।

अदालत ने कहा कि जांच का खर्च मलिक द्वारा वहन किया जाएगा।

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